नागार्जुन सागर बांध

नागार्जुन सागर बांध

नागार्जुन सागर बांध वास्तव में एक अद्वितीय इंजीनियरिंग आश्चर्य और भारत के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यहाँ बांध के बारे में कुछ रोचक तथ्य दिए गए हैं:

 

मुख्य तथ्य

1. _स्थान_: बांध कृष्णा नदी पर तेलंगाना के नल्गोंडा जिले में स्थित है।

2. _निर्माण_: बांध का निर्माण 1955 में शुरू हुआ और 1967 में पूरा हुआ, जिसमें लगभग 12 साल लगे।

3. _ऊंचाई और लंबाई_: बांध की ऊंचाई 124 मीटर (407 फीट) और लंबाई 1,550 मीटर (5,085 फीट) है।

4. _सिंचाई_: बांध तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे कई बड़े क्षेत्रों में सिंचाई के लिए पानी प्रदान करता है।

5. _हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर_: बांध हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर भी उत्पन्न करता है, जिसकी स्थापित क्षमता 815.6 मेगावाट है।

 

प्रभाव

नागार्जुन सागर बांध का इस क्षेत्र की कृषि, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है। कुछ लाभ इस प्रकार हैं:

 

1. _कृषि उत्पादन में वृद्धि_: बांध ने लाखों एकड़ भूमि की सिंचाई को संभव बनाया है, जिससे कृषि उत्पादन और खाद्य सुरक्षा में वृद्धि हुई है।

2. _आर्थिक विकास_: बांध ने इस क्षेत्र में आर्थिक विकास में योगदान दिया है, जिससे रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिला है।

3. _बाढ़ नियंत्रण_: बांध ने इस क्षेत्र में बाढ़ को नियंत्रित करने में मदद की है, जिससे फसलों और गांवों को नुकसान से बचाया जा सका है।

 

कुल मिलाकर, नागार्जुन सागर बांध भारत की इंजीनियरिंग क्षमता और अपने लोगों के लाभ के लिए अपने बुनियादी ढांचे को विकसित करने के प्रति प्रतिबद्धता का एक प्रभावशाली उदाहरण है।

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