मेघालय, जिसे अक्सर "बादलों का घर" कहा जाता है, प्राकृतिक सुंदरता और अनूठी संस्कृति से समृद्ध भारत के पूर्वोत्तर में स्थित एक राज्य है।
सामान्य जानकारी
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| स्थापना वर्ष (पूर्ण राज्य का दर्जा) | 21 जनवरी, 1972 (असम से अलग होकर बना) |
| सीमाएँ | उत्तर और पूर्व में असम राज्य से घिरा है; दक्षिण और पश्चिम में बांग्लादेश के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा साझा करता है। |
| जनसंख्या (2011 की जनगणना) | 29,66,889 |
| बोली जाने वाली भाषाएँ | खासी, गारो, पनार (जयंतिया), और अंग्रेजी (राजभाषा)। अन्य भाषाओं में असमिया, बंगाली और हिंदी शामिल हैं। |
| वर्तमान में धर्म (2011 की जनगणना) | ईसाई धर्म बहुसंख्यक है, जिसके बाद हिंदू धर्म और इस्लाम तथा जनजातीय धर्मों के अल्पसंख्यक हैं। |
मुख्यमंत्रियों की सूची और कार्यकाल की तिथियाँ
मेघालय के गठन के बाद से कई मुख्यमंत्री रहे हैं। यहाँ उनके पद पर रहने की अवधियों के साथ एक सूची दी गई है:
| मुख्यमंत्री का नाम | पद ग्रहण की तिथि | पद छोड़ने की तिथि | पार्टी (मुख्य) |
|---|---|---|---|
| विलियमसन ए. संगमा | 2 अप्रैल 1970 | 3 मार्च 1978 | ए.पी.एच.एल.सी. / आई.एन.सी. |
| डार्विन डींगदोह Pugh | 10 मार्च 1978 | 6 मई 1979 | ए.पी.एच.एल.सी. |
| बी. बी. लिंगदोह | 7 मई 1979 | 7 मई 1981 | ए.पी.एच.एल.सी. |
| विलियमसन ए. संगमा | 7 मई 1981 | 24 फरवरी 1983 | आई.एन.सी. |
| बी. बी. लिंगदोह | 2 मार्च 1983 | 31 मार्च 1983 | ए.पी.एच.एल.सी. |
| विलियमसन ए. संगमा | 2 अप्रैल 1983 | 5 फरवरी 1988 | आई.एन.सी. |
| पी. ए. संगमा | 6 फरवरी 1988 | 25 मार्च 1990 | आई.एन.सी. |
| बी. बी. लिंगदोह | 26 मार्च 1990 | 10 अक्टूबर 1991 | एच.पी.यू. |
| राष्ट्रपति शासन | 11 अक्टूबर 1991 | 5 फरवरी 1992 | लागू नहीं |
| डी. डी. लापांग | 5 फरवरी 1992 | 19 फरवरी 1993 | आई.एन.सी. |
| एस. सी. मारक | 19 फरवरी 1993 | 10 मार्च 1998 | आई.एन.सी. |
| बी. बी. लिंगदोह | 10 मार्च 1998 | 8 मार्च 2000 | यू.डी.पी. |
| ई. के. मावलोंग | 8 मार्च 2000 | 8 दिसंबर 2001 | यू.डी.पी. |
| फ्लिंडर एंडरसन खोंगलाम | 8 दिसंबर 2001 | 4 मार्च 2003 | निर्दलीय |
| डी. डी. लापांग | 4 मार्च 2003 | 15 जून 2006 | आई.एन.सी. |
| जे. डी. रिमबाई | 15 जून 2006 | 10 मार्च 2007 | आई.एन.सी. |
| डी. डी. लापांग | 10 मार्च 2007 | 19 मार्च 2008 | आई.एन.सी. |
| डोनकूपर रॉय | 19 मार्च 2008 | 18 मार्च 2009 | यू.डी.पी. |
| राष्ट्रपति शासन | 19 मार्च 2009 | 12 मई 2009 | लागू नहीं |
| डी. डी. लापांग | 13 मई 2009 | 19 अप्रैल 2010 | आई.एन.सी. |
| मुकुल संगमा | 20 अप्रैल 2010 | 6 मार्च 2018 | आई.एन.सी. |
| कॉनराड संगमा | 6 मार्च 2018 | वर्तमान | एन.पी.पी. |
संक्षेप: ए.पी.एच.एल.सी. (ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस), आई.एन.सी. (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस), एच.पी.यू. (हिल पीपल्स यूनियन), यू.डी.पी. (यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी), एन.पी.पी. (नेशनल पीपल्स पार्टी)।
राष्ट्रपति शासन (President's Rule)
मेघालय में अब तक दो बार राष्ट्रपति शासन (भारतीय संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत) लगाया गया है:
* पहली बार: 11 अक्टूबर 1991 से 5 फरवरी 1992 तक (राजनीतिक अस्थिरता के कारण)।
* दूसरी बार: 19 मार्च 2009 से 12 मई 2009 तक (गठबंधन सरकार के गिरने के बाद)।
विश्व/भारत के लिए प्रसिद्ध स्थान और उत्पाद
मेघालय अपने शानदार प्राकृतिक परिदृश्य और विशिष्ट सांस्कृतिक उत्पादों के लिए भारत और विश्व स्तर पर जाना जाता है।
प्रसिद्ध स्थान
अपनी अनूठी पारिस्थितिकी और रिकॉर्ड तोड़ वर्षा के कारण मेघालय विश्व पर्यटन मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
* लिविंग रूट ब्रिज (जीवित जड़ सेतु): मुख्य रूप से खासी और जयंतिया पहाड़ियों में पाए जाते हैं, ये अनूठे पुल फिकस इलास्टिका वृक्ष की जड़ों को दशकों तक प्रशिक्षित करके नदियों पर कार्यात्मक पुलों के रूप में बनाए जाते हैं। नोंग्रेत में स्थित डबल डेकर रूट ब्रिज विशेष रूप से प्रसिद्ध है, और इन पुलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की अस्थायी सूची में शामिल किया गया है।
* मासिनराम और चेरापूंजी (सोहरा): ये स्थान दुनिया में सबसे अधिक वर्षा प्राप्त करने वाले स्थानों के रूप में विश्व स्तर पर जाने जाते हैं। चेरापूंजी में भारत के सबसे ऊँचे जलप्रपातों में से एक, शानदार नोहकालिकाई जलप्रपात और सेवन सिस्टर्स जलप्रपात (नोह्सन्गिथियांग जलप्रपात) स्थित है।
* मावलिननॉन्ग गाँव: इसे "एशिया का सबसे स्वच्छ गाँव" नामित किया गया है। यह पूर्वी खासी पहाड़ियों में स्थित यह गाँव इकोटूरिज्म और सामुदायिक स्वच्छता का एक मॉडल है।
* गुफाएँ: मेघालय भारत की सबसे लंबी और गहरी गुफा प्रणालियों में से एक का घर है, जिनमें मॉसमाई गुफा और अरवाह गुफा जैसी लोकप्रिय गुफाएँ शामिल हैं।
* डॉकी और उमंगोट नदी: बांग्लादेश की सीमा से लगी डॉकी के पास की उमंगोट नदी अपने असाधारण रूप से स्वच्छ, पन्ना-हरे पानी के लिए प्रसिद्ध है, जिससे नावें शीशे पर तैरती हुई प्रतीत होती हैं।
उत्पाद
मेघालय के मुख्य उत्पाद और फसलें मुख्य रूप से कृषि आधारित हैं, लेकिन यह अपने जनजातीय शिल्प और वस्त्रों के लिए भी जाना जाता है।
* हल्दी और अदरक: यह राज्य उच्च गुणवत्ता वाले मसाले पैदा करता है, जिसमें जयंतिया पहाड़ियों की लाकडोंग हल्दी अपने उच्च करक्यूमिन सामग्री के लिए विश्व स्तर पर प्रसिद्ध है, जो इसे स्वास्थ्य लाभों के लिए मांग में रखती है।
* संतरे (खासी मंडारिन) और अनानास: विविध कृषि-जलवायु परिस्थितियाँ विभिन्न उच्च-गुणवत्ता वाले बागवानी उत्पादों के विकास में सहायक हैं।
* एरी सिल्क (अहिंसा सिल्क): यह स्वदेशी रेशम किस्म रेशम के कीड़ों को मारे बिना उत्पादित की जाती है, इसलिए इसे "अहिंसा" सिल्क नाम दिया गया है। यह कपड़ा उद्योग में एक विशेष मूल्यवान उत्पाद है।
* हस्तशिल्प और बुनी हुई टोकरियाँ: पारंपरिक बांस और बेंत के उत्पाद, और रिंडिया (खासी पारंपरिक शॉल/कपड़ा), जो खासी, गारो और जयंतिया समुदायों की समृद्ध जनजातीय कलात्मकता को दर्शाते हैं।