नमूना सर्वेक्षण करके हर पांच वर्ष में गरीबी रेखा का अनुमान लगाया जाता है। सर्वेक्षण के लिए जिम्मेदार संगठन राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन या NSSO है।