राजा टोडर मल की राजस्व प्रणाली, जिसे ज़ब्ती या दहसाला प्रणाली के रूप में भी जाना जाता है, मुगल साम्राज्य में अकबर के शासनकाल के दौरान एक महत्वपूर्ण सुधार था। वित्त मंत्री के रूप में, टोडर मल ने इस प्रणाली को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसका उद्देश्य राजस्व संग्रह में निष्पक्षता, पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करना था।
_ज़ब्ती प्रणाली की मुख्य विशेषताएं:_
- _भूमि मापन_: टोडर मल ने लोहे की कड़ियों से जुड़े बांस के जरिब का उपयोग करके भूमि मापन की एक मानक प्रणाली शुरू की, जिससे भूमि राजस्व की सटीक गणना सुनिश्चित हुई।
- _भूमि वर्गीकरण_: भूमि को चार प्रकारों में वर्गीकृत किया गया था:
- _पोलाज_: उपजाऊ भूमि जो सालाना खेती की जाती है
- _पारौती_: अस्थायी रूप से परती भूमि
- _चचर_: 3-4 वर्षों तक परती भूमि
- _बंजर_: बेकार भूमि
- _राजस्व गणना_: राजस्व की गणना पिछले 10 वर्षों की औसत उपज और कीमतों के आधार पर की गई थी। राज्य का हिस्सा औसत उपज का एक-तिहाई तय किया गया था, जो नकद या वस्तु में देय था।
- _छूट और रियायतें_: फसल खराब होने की स्थिति में राजस्व में छूट दी गई थी। बंजर भूमि की खेती को बढ़ावा देने के लिए रियायतें भी दी गई थीं।
_प्रशासनिक संरचना:_
- _राजस्व अधिकारी_: टोडर मल ने राजस्व अधिकारियों की एक श्रृंखलाबद्ध संरचना शुरू की, जिसमें शामिल हैं:
- _अमल गुज़ार_: राजस्व संग्रह की निगरानी करने वाले अधिकारी
- _कानूंगो_: स्थानीय राजस्व अधिकारी जो भूमि राजस्व के रिकॉर्ड रखते थे
- _पटवारी_: गाँव-स्तरीय अधिकारी जो राजस्व मामलों के लिए जिम्मेदार थे
- _फोतदार_: राजस्व संग्रह और भंडारण के लिए जिम्मेदार खजांची
- _रिकॉर्ड-कीपिंग_: राजस्व संग्रह में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सटीक रिकॉर्ड और खाते रखे गए थे।
_ज़ब्ती प्रणाली का प्रभाव:_
- _बढ़ा हुआ राजस्व_: इस प्रणाली के कारण राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जिससे साम्राज्य की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित हुई।
- _निष्पक्षता और पारदर्शिता_: ज़ब्ती प्रणाली ने राजस्व गणना की एक निष्पक्ष और पारदर्शी विधि पेश की, जिससे मनमानी मांगों और भ्रष्टाचार में कमी आई।
- _कृषि को प्रोत्साहन_: इस प्रणाली ने किसानों को ऋण और रियायतें प्रदान करके कृषि गतिविधियों को प्रोत्साहित किया, जिससे भूमि सुधार में निवेश और उत्पादकता में वृद्धि हुई।
कुल मिलाकर, टोडर मल की राजस्व प्रणाली एक महत्वपूर्ण सुधार थी जिसने मुगल साम्राज्य के राजस्व प्रशासन में स्थिरता और दक्षता लाई, राजस्व संग्रह में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित की, जबकि कृषि विकास और उत्पादकता को बढ़ावा दिया।