जनवरी 2026 तक की नवीनतम जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अटल पेंशन योजना (APY) को वित्त वर्ष 2030-31 तक के लिए बढ़ा दिया है।

जनवरी 2026 तक की नवीनतम जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अटल पेंशन योजना (APY) को वित्त वर्ष 2030-31 तक के लिए बढ़ा दिया है।

सरकार ने इस योजना को और अधिक मजबूत बनाने के लिए इसके प्रचार-प्रसार और वित्तीय स्थिरता (gap funding) के लिए अतिरिक्त फंड को भी मंजूरी दी है।
शाम की चाय और बुढ़ापे का भरोसा: एक कहानी
भारत के एक छोटे से शहर की तंग गलियों में रहने वाला 35 वर्षीय रमेश एक बढ़ई है। उसके हाथ हुनरमंद तो हैं, लेकिन दिनभर की कड़ी मेहनत की धूल उन पर हमेशा जमी रहती है। एक शाम, जब सूरज ढल रहा था, रमेश अपने दोस्त—एक सेवानिवृत्त स्कूल शिक्षक (मास्टरजी)—के साथ चाय की दुकान पर बैठा था।
"मास्टरजी," रमेश ने एक ठंडी आह भरते हुए कहा, "आपकी पेंशन तो हर महीने घड़ी की सुई की तरह आ जाती है। लेकिन मुझ जैसे लोगों का क्या, जो घर तो दूसरों के बनाते हैं पर अपना कोई पक्का ठिकाना नहीं? जब मेरे हाथ कांपने लगेंगे, तो मेरी चाय का बिल कौन भरेगा?"
मास्टरजी ने मुस्कुराते हुए रमेश को उस वादे के बारे में बताया जो सरकार ने 2015 में किया था: अटल पेंशन योजना।
उम्मीद की एक नई किरण
लंबे समय तक, रमेश और असंगठित क्षेत्र के करोड़ों श्रमिकों के मन में यह सवाल था कि क्या यह योजना जारी रहेगी? लेकिन जनवरी 2026 में, यह खबर एक ठंडी फुहार की तरह आई। सरकार ने घोषणा की कि यह योजना न केवल जारी रहेगी, बल्कि इसे 2031 तक के लिए और मजबूती के साथ बढ़ा दिया गया है।
रमेश के लिए यह सिर्फ एक सरकारी आंकड़ा नहीं था; यह एक गारंटी थी कि जब वह अपने औजार रख देगा, तब भी उसके पास एक सहारा होगा।
इस विस्तार का महत्व क्यों है?
APY को वित्त वर्ष 2030-31 तक बढ़ाने के पीछे कुछ महत्वपूर्ण कारण हैं:
 * अदृश्य श्रमबल की सुरक्षा: यह योजना उन लोगों को लक्षित करती है जो भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं—निर्माण श्रमिक, रेहड़ी-पटरी वाले और घरेलू सहायक।
 * फंड की गारंटी (Gap Funding): सरकार ने 'गैप फंडिंग' का वादा किया है। इसका मतलब है कि यदि बाजार में उतार-चढ़ाव भी आता है, तो सरकार खुद पैसा लगाकर यह सुनिश्चित करेगी कि हर ग्राहक को ₹1,000 से ₹5,000 की तय पेंशन मिले।
 * विकसित भारत @2047: आज के बुजुर्गों को सुरक्षित करके, देश भविष्य के लिए एक अधिक आत्मविश्वासी कार्यबल तैयार कर रहा है।
सुकून के पीछे के आंकड़े
2026 की शुरुआत तक, 8.66 करोड़ से अधिक लोग इस सफर का हिस्सा बन चुके हैं। रमेश भी अब उनमें से एक है। हर हफ्ते कुछ कप चाय की कीमत के बराबर छोटा सा योगदान देकर, उसने अपने और अपनी पत्नी के लिए मासिक पेंशन सुनिश्चित कर ली है।
अटल पेंशन योजना की मुख्य विशेषताएं (2026 अपडेट)
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| पात्रता | 18 से 40 वर्ष की आयु के भारतीय नागरिक। |
| करदाता नियम | आयकर देने वाले लोग इस योजना में शामिल होने के पात्र नहीं हैं। |
| पेंशन राशि | ₹1,000, ₹2,000, ₹3,000, ₹4,000, या ₹5,000 की गारंटीड मासिक पेंशन। |
| पति/पत्नी को लाभ | यदि ग्राहक की मृत्यु हो जाती है, तो जीवनसाथी को जीवनभर वही पेंशन मिलती है। |
| पूंजी की वापसी | दोनों की मृत्यु के बाद, जमा की गई पूरी राशि नामांकित व्यक्ति (Nominee) को लौटा दी जाती है। |
अब, जब रमेश डूबते हुए सूरज को देखता है, तो उसे सिर्फ दिन के अंत का अहसास नहीं होता। उसे एक ऐसा भविष्य दिखता है जहाँ उसकी चाय का बिल चुकाने के लिए उसके पास अपनी स्वावलंबी आय होगी।

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