अब कैश की कोई झंझट नहीं: भारत और मलेशिया ने निर्बाध क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट के लिए मिलाया हाथ

अब कैश की कोई झंझट नहीं: भारत और मलेशिया ने निर्बाध क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट के लिए मिलाया हाथ

डिजिटल वित्तीय दुनिया अब और भी छोटी और एक-दूसरे से जुड़ी हुई हो गई है। यात्रा और व्यापार को आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL)—जो कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की अंतर्राष्ट्रीय शाखा है—ने मलेशिया के नेशनल पेमेंट्स इंफ्रास्ट्रक्चर ऑपरेटर, PayNet (पेमेंट्स नेटवर्क मलेशिया Sdn Bhd) के साथ एक रणनीतिक समझौता किया है।

यह सहयोग क्रॉस-बॉर्डर (सीमा पार) लेन-देन में एक महत्वपूर्ण छलांग है, जिससे दोनों देशों के बीच यात्रियों के लिए करेंसी एक्सचेंज (मुद्रा विनिमय) और नकद संभालने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।

यह साझेदारी कैसे काम करती है

यह समझौता एक पारस्परिक भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र (reciprocal payment ecosystem) बनाता है जो भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को मलेशिया के DuitNow QR सिस्टम के साथ एकीकृत करता है। इसे दो अलग-अलग चरणों में शुरू करने की योजना है:

  • फेज़ 1 (भारतीय यात्रियों के लिए): मलेशिया जाने वाले भारतीय अब बिना किसी चिंता के यात्रा कर सकते हैं। अपने परिचित UPI-सक्षम ऐप्स—जैसे Google Pay, PhonePe, और Paytm—का उपयोग करके, भारतीय मलेशिया भर में मर्चेंट लोकेशन्स पर DuitNow QR कोड स्कैन कर सकते हैं। यह नकदी या अंतर्राष्ट्रीय क्रेडिट कार्ड की आवश्यकता के बिना तुरंत भुगतान की अनुमति देता है।

  • फेज़ 2 (मलेशियाई आगंतुकों के लिए): दूसरे चरण में, भारत आने वाले मलेशियाई लोग जल्द ही भारत भर में मर्चेंट लोकेशन्स पर UPI QR कोड स्कैन करने के लिए अपने DuitNow से जुड़े ऐप्स और मोबाइल वॉलेट का उपयोग कर सकेंगे, जिससे उनका यात्रा अनुभव भी उतना ही सरल हो जाएगा।

वैश्विक विस्तार: 2026 की एक झलक

2026 की शुरुआत तक, भारत का UPI एक घरेलू सफलता की कहानी से विकसित होकर एक वैश्विक पावरहाउस बन गया है। यह इंटरफ़ेस अब UAE, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, मॉरीशस, श्रीलंका और कतर सहित 8 से अधिक देशों में लाइव और स्वीकृत है।

हाल ही में जून 2025 में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर तब हासिल किया गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साइप्रस का दौरा किया। इस यात्रा ने साइप्रस को फ्रांस के बाद आधिकारिक तौर पर UPI सेवाओं को अपनाने वाला दूसरा यूरोपीय देश बना दिया, जिससे भारत और यूरोप के बीच वित्तीय खाई और कम हो गई।

UPI: नवाचार का संक्षिप्त इतिहास

जो लोग इस इकोसिस्टम में नए हैं, उनके लिए बता दें कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) भारत का क्रांतिकारी रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम है। 2016 में लॉन्च किया गया यह सिस्टम यूज़र्स को कई बैंक खातों को एक ही मोबाइल एप्लिकेशन से लिंक करने और तुरंत फंड ट्रांसफर करने की अनुमति देता है।

इस सिस्टम की वृद्धि असाधारण रही है। केवल 2023 के मध्य तक, UPI हर महीने 10 बिलियन (1000 करोड़) से अधिक लेनदेन प्रोसेस कर रहा था, जो इसकी स्केलेबिलिटी और विश्वसनीयता को साबित करता है।

UPI के लिए मुख्य वैश्विक मील के पत्थर (Key Milestones)

भारत की डिजिटल कूटनीति ने इस तकनीक को प्रमुख रणनीतिक भागीदारों तक सफलतापूर्वक पहुँचाया है:

  • भूटान: UPI को अपनाने वाला सबसे पहला देश।

  • सिंगापुर: अपने स्थानीय PayNow सिस्टम के साथ एक परिष्कृत इंटीग्रेशन (एकीकरण) की सुविधा देता है।

  • UAE: मर्चेंट पेमेंट्स के लिए व्यापक रूप से समर्थित।

  • फ्रांस: इसे अपनाने वाला पहला यूरोपीय देश, जहाँ एफिल टॉवर के लिए भारतीय पर्यटक UPI के माध्यम से टिकट बुक कर सकते हैं।

मलेशिया और साइप्रस के जुड़ने के साथ, UPI यह साबित करना जारी रखता है कि वित्त (finance) का भविष्य सीमा रहित, इंटरऑपरेबल और डिजिटल-फर्स्ट है।

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